भोपाल में ओबीसी-एससी-एसटी का शक्ति प्रदर्शन: आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, पूर्व विधायक के बयान से गरमाई सियासत
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ‘ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ ने एक विशाल महासम्मेलन का आयोजन किया। अपाक्स (APACS) के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में कर्मचारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जुटे। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना और उनके समर्थन में आवाज बुलंद करना था।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि आईएएस संतोष वर्मा पर की गई कार्रवाई एकतरफा और दबाव में ली गई है। मोर्चा के नेताओं ने मंच से कहा कि यह दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के अधिकारियों की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने सरकार से मांग की कि संतोष वर्मा पर की गई कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए।
पूर्व विधायक के बयान से मचा हड़कंप
महासम्मेलन के दौरान उस समय स्थिति विवादास्पद हो गई जब छतरपुर की चंदला सीट से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने मंच से कथावाचकों को लेकर बेहद तीखी और आपत्तिजनक टिप्पणी की। प्रजापति ने व्यास पीठ से बोले जाने वाले कुछ बयानों का हवाला देते हुए प्रसिद्ध कथावाचकों पर निशाना साधा, जिससे नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आरक्षण और पदोन्नति की मांग
महासम्मेलन में केवल संतोष वर्मा का मुद्दा ही नहीं, बल्कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की बात भी प्रमुखता से उठी। नेताओं ने राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से बैकलॉग के पद खाली पड़े हैं और पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।



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